Chhattisgarh
भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ की प्रदेश सह-संयोजक हरशिला रूपाली शर्मा जी के चाचाजी स्वर्गीय योगेश शर्मा जी को विधायक पुरन्दर मिश्रा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि*
27-Oct-2026
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रायपुर। आज रायपुर के सूरज बिहार भवन में भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ की प्रदेश सह-संयोजक श्रीमती हरशिला रूपाली शर्मा जी के चाचाजी स्वर्गीय श्री योगेश शर्मा जी के शोक कार्यक्रम में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा जी सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय श्री योगेश शर्मा जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए इस दुःख की घड़ी में उन्हें धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक-संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
रायपुर : संभावित चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा- छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट जारी
27-Oct-2026
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कलेक्टरों को 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष एहतियात बरतने के दिए निर्देश
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव छत्तीसगढ़ राज्य में पड़ने की संभावनाओं के मद्देनजर शासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसे लेकर मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चक्रवात के मद्देनजर 27 से 29 अक्टूबर तक आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी जुड़े।
शून्य जनहानि का लक्ष्य और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए और मौसम संबंधी चेतावनियों को पूरी गंभीरता से लिया जाए। बैठक में मुख्य जोर शून्य जनहानि सुनिश्चित करने पर रहा। इसके तहत विशेष रूप से दक्षिण बस्तर क्षेत्र के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जहां तेज हवाएं चलने की संभावना है। राहत शिविरों को 24 घंटे संचालित रखने और उनमें सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सचिव को चिकित्सा सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर उन्हें आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रबंध करने को कहा गया है।
किसानों को फसलों से संबंधित विस्तृत एडवाइजरी जारी करने तथा चक्रवात से फसलों और पशुधन को होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्रों के छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। एनडीआरएफ (छक्त्थ्) और एसडीआरएफ (ैक्त्थ्) की टीमों को निर्धारित स्थानों पर पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
’बुनियादी ढांचे और सेवाओं को सुचारू रखने के निर्देश’
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बैठक में बताया कि तेज हवाओं से कच्चे मकानों को होने वाले संभावित नुकसान का आकलन किया जाए और संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। बिजली के खंभे गिरने से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए विद्युत विभाग को तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही, दूरसंचार सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। तेज हवाओं के कारण यदि पेड़ गिरते हैं, तो उन्हें तत्काल हटाने की व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि सड़क मार्ग अवरुद्ध न हों और आवागमन सुचारू बना रहे। होर्डिंग्स और अन्य असुरक्षित संरचनाओं की स्थिति का भी आकलन करने पर जोर दिया गया है।
इस उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया के अलावा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य शासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी मुस्तैदी दिखाने को कहा है।
24 बाज़ार 2026: जनजातीय कला, संस्कृति एवं हस्तशिल्प का भव्य उत्सव
25-Oct-2026
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रायपुर, छत्तीसगढ़ | 24 अक्टूबर 2026
भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ मर्यादित (TRIFED), जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा दिनांक 24 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक टाउन हॉल, कलेक्टोरेट परिसर, घड़ी चौक के निकट, रायपुर में भव्य जनजातीय उत्सव “आदि बाज़ार 2026" का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य देश की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प एवं आजीविका के विविध स्वरूपों को प्रोत्साहित करना तथा जनजातीय कारीगरों को प्रत्यक्ष विपणन का अवसर प्रदान करना है। ट्राइफेड की भूमिका एवं उद्देश्य
ट्राइफेड, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत कार्यरत एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है, जो जनजातीय समुदायों के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, जनजातीय वस्त्र, आभूषण, चित्रकला, बाँस शिल्प तथा प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों के विकास, प्रचार-प्रसार और विपणन के लिए कार्य करता है। ट्राइफेड का प्रमुख उद्देश्य जनजातीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराकर जनजातीय समुदायों की आय एवं आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करना तथा उनकी पारंपरिक कला, संस्कृति, ज्ञान और कौशल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
देशभर के लगभग 40 स्टॉलों पर 80 कारीगर प्रदर्शित करेंगे अपनी कला
आदि बाज़ार 2026 में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 80 कारीगरों एवं शिल्पकारों की सहभागिता के साथ करीब 40 स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर विभिन्न राज्यों की विशिष्ट कलाकृतियों, पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पादों, वस्त्रों, आभूषणों तथा प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी सह बिक्री की जाएगी। यह आयोजन देश की विविध कला एवं शिल्प परंपराओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत करेगा, जहाँ आगंतुकों को विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट उत्पादों को देखने तथा सीधे खरीदने का अवसर मिलेगा।
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा सिल्क एवं ढोकरा शिल्प, ओडिशा की संबलपुरी साड़ियाँ एवं सौरा चित्रकला, मध्य प्रदेश की बाग प्रिंट साड़ियाँ, महेश्वरी साड़ियाँ एवं गोंड चित्रकला, पश्चिम बंगाल की कांथा कढ़ाई वाली साड़ियाँ एवं पारंपरिक आभूषण, राजस्थान के पारंपरिक वस्त्र एवं आभूषण तथा झारखंड के जूट से निर्मित उत्पाद एवं आभूषण विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों से बेंत एवं बाँस से निर्मित हस्तशिल्प उत्पाद, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के बाँस शिल्प एवं अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद, तथा अराकू कॉफी सहित अन्य विशिष्ट उत्पादों को भी प्रदर्शित एवं बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इन स्टॉलों के माध्यम से आगंतुकों को भारत के विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक शिल्पकला, बुनाई, रंगाई, छपाई, चित्रकला, आभूषण निर्माण तथा प्राकृतिक उत्पादों की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह मंच कारीगरों को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने, नए ग्राहकों से जुड़ने और अपने व्यवसाय के विस्तार के अवसर प्राप्त करने में सहायता करेगा।
जनजातीय कारीगरों को मिलेगा प्रत्यक्ष बाजार
आदि बाज़ार जैसे आयोजन जनजातीय कारीगरों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे कारीगरों को बिचौलियों पर निर्भरता कम करने, अपने उत्पादों के लिए नए ग्राहक प्राप्त करने तथा विपणन और आय के अवसर बढ़ाने में सहायता मिलती है।
ऐसे आयोजन जनजातीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, पारंपरिक कला एवं कौशल को नई पीढ़ी तक पहुँचाने तथा जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तीकरण में भी योगदान देते हैं।
ट्राइफेड का प्रयास है कि जनजातीय कारीगरों को उनके उत्पादों के लिए उचित बाजार एवं बेहतर अवसर प्राप्त हों तथा उनकी विशिष्ट कलाओं और पारंपरिक ज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
आदि बाज़ार 2026 के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामविचार नेताम जी, माननीय मंत्री, कृषि एवं अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, छत्तीसगढ़ शासन की गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती मीनल चौबे जी, महापौर, नगर पालिक निगम रायपुर, तथा श्रीमती संजीता गुप्ता, IFS, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (APCCF) एवं प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। आम नागरिकों से सहभागिता की अपील
ट्राइफेड, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा आम नागरिकों से अपील की जाती है कि वे 24 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित आदि बाज़ार 2026 में पहुँचकर देशभर से आए जनजातीय कारीगरों एवं शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करें, उनके हस्तनिर्मित उत्पादों को खरीदें तथा भारत की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति एवं परंपराओं को प्रोत्साहित करने में सहभागी बनें।
यह आयोजन न केवल पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि देश की विविध जनजातीय एवं पारंपरिक कलाओं को जानने, समझने और उनके संरक्षण में योगदान देने का भी एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
आयोजक:
भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ मर्यादित (TRIFED) क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर
जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
आयोजन स्थल: टाउन हॉल, कलेक्टोरेट परिसर, घड़ी चौक के निकट, रायपुर, छत्तीसगढ़
आयोजन अवधि: 24 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026.
माँ जतमई एवं माँ घटारानी के पावन दर्शन हेतु मातृशक्तियों को विधायक पुरन्दर मिश्रा ने किया रवाना* *श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ मातृशक्तियों की धार्मिक यात्रा का शुभारंभ*
24-Oct-2026
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रायपुर। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा ने आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर से शांति नगर कुंद्रा पारा की मातृशक्तियों को माँ जतमई एवं माँ घटारानी के पावन दर्शन हेतु श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ रवाना किया।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा ने मातृशक्तियों की सुखद, मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना करते हुए माँ जतमई एवं माँ घटारानी से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राएँ हमारी आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को सशक्त बनाने के साथ ही समाज में प्रेम, सद्भाव एवं एकजुटता की भावना को भी प्रगाढ़ करती हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन जनमानस को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा आध्यात्मिक चेतना का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधायक श्री मिश्रा ने कामना की कि माँ जतमई एवं माँ घटारानी की असीम कृपा सभी मातृशक्तियों और उनके परिवारों पर सदैव बनी रहे। सभी की यात्रा मंगलमय हो तथा माता रानी के आशीर्वाद से प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली का वास हो।
प्रेसवार्ता नुआखाई भेंटघाट के पावन अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति जी के छत्तीसगढ़ आगमन पर हार्दिक आभार एवं सादर अभिनंदन पुरन्दर मिश्रा
24-Oct-2026
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संस्कृति, सेवा और युवा शक्ति के माध्यम से विकसित भारत 2047 का संकल्प
रायपुर। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित नुआखाई भेंटघाट, सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम हमारे लिए गौरव और प्रेरणा का अविस्मरणीय अवसर रहा। मैं महामहिम राष्ट्रपति जी, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका जी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी एवं श्री विजय शर्मा जी सहित सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमुदाय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
इस अवसर पर केन्द्रीय, राज्यमंत्री श्री तोखन साहू जी, कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल जी, गुरु खुशवंत साहेब जी, श्री टंकराम वर्मा जी, श्री श्याम बिहारी जायसवाल जी, विधायक श्री सुनील सोनी जी, श्री मोतीलाल साहू जी. श्री अनुज शर्मा जी, श्री इंद्र कुमार साहू जी, श्रीमती भावना बोहरा जी, श्री संपत अग्रवाल जी, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर जी सहित निगम-मंडलों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षगण, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, युवा तथा गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। सभी के सहयोग और सहभागिता के लिए मैं हृदय से धन्यवाद देता हूँ।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस आयोजन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक उत्सव मनाना नहीं, बल्कि संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और युवा सशक्तिकरण को एक साझा मंच पर लाना है। नुआखाई हमारी कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अन्नदाता किसान के सम्मान और पारिवारिक एकता का प्रतीक है। अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक विकास की ओर आगे बढ़ना ही इस आयोजन की मूल भावना है।
सेवा सम्मान पर्व के माध्यम से समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण, जनसेवा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करना है। वहीं, युवा प्रबोधन का उद्देश्य युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना है। युवाओं को नशामुक्त जीवन, सकारात्मक सोच, अनुशासन और सेवा भाव अपनाने का संदेश देना भी इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
विकसित भारत / 2047 की कल्पना
वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष परे होंगे। विकसित भारत का हमारा संकल्प केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ऐसे भारत का निर्माण
इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। आज के युवाओं को रोजगार पाने के साथ रोजगार सृजन करने वाला, तकनीक का उपयोग करने के साथ नवाचार करने वाला और व्यक्तिगत सफलता के साथ सामाजिक दायित्व निभाने वाला बनना होगा। शिक्षा, कौशल, उद्यमिता, डिजिटल सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के माध्यम से युवा भारत की विकास यात्रा को नई गति दे सकते हैं। हमारा विश्वास है कि जब युवा अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहेंगे, महिलाएँ विकास की मुख्यधारा में समान अवसर प्राप्त करेंगी, किसानों को सम्मान मिलेगा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचेगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम का संदेश
महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष प्रेरणा प्रदान की। उनका जीवन संघर्ष, सादगी, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रसेवा का प्रेरक उदाहरण है। उनकी उपस्थिति से युवाओं को यह संदेश मिला कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, शिक्षा, परिश्रम, आत्मविश्वास और समर्पण के बल पर सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
इस कार्यक्रम ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक एकता, सेवा भावना और युवा शक्ति की सकारात्मक भूमिका को नई दिशा देने का संदेश दिया। ऐसे आयोजन विभिन्न समाजों और पीढ़ियों के बीच संवाद, सहयोग और सहभागिता को बढ़ावा देते हैं तथा राष्ट्र निर्माण में सामूहिक जिम्मेदारी का बोध कराते हैं। हमारा प्रयास है कि नुआखाई की सांस्कृतिक भावना को सेवा, सम्मान और संकल्प से जोडते हुए युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो। विकसित भारत / 2047 की यात्रा सरकार के प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सामाजिक संगठनों के सहयोग और युवाओं की ऊर्जा से ही सफल होगी। अंत में, मैं महामहिम राष्ट्रपति जी सहित सभी अतिथियों, आयोजकों, सहयोगियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति पुनः हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
हमारा संकल्प है, संस्कृति का संरक्षण, सेवा का विस्तार, युवा शक्ति का सशक्तिकरण और विकसित भारत / 2047 का निर्माण है।
आज की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस किसी औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि उन सभी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करने का माध्यम है जिनके सहयोग, स्नेह और आशीर्वाद से यह आयोजन सफल हुआ।
खेल संसाधन की कमी नहीं होगी: विष्णु देव सहाय
12-Sep-2026
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तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।
’रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण भी किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से प्रदेश के खिलाडि़यों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी खेल अधोसंरचना तैयार करने का प्रयास है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी क्षमता को निखार सकें। इससे प्रदेश के खिलाडि़यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खेल संघों की आवश्यकताओं और विभिन्न प्रस्तावों पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाडि़यों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।
’रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण भी किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से प्रदेश के खिलाडि़यों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी खेल अधोसंरचना तैयार करने का प्रयास है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी क्षमता को निखार सकें। इससे प्रदेश के खिलाडि़यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
सीसीए रायपुर ने सुयश हॉस्पिटल के साथ एक विश्वस्तरीय कैंसर सेंटर का शुभारंभ किया, उन्नत कैंसर उपचार अब घर के करीब
12-Sep-2026
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प्रेस वार्ता,
सीसीए रायपुर ने सुयश हॉस्पिटल के साथ एक विश्वस्तरीय कैंसर सेंटर का शुभारंभ किया, उन्नत कैंसर उपचार अब घर के करीब
रायपुर, 10 सितंबर 2026:
सुयश हॉस्पिटल में अब कैंसर के इलाज की सुविधा उपलब्ध-
प्रदेश के राजधानी रायपुर में स्थित सुयश हॉस्पिटल ने क्षेत्र की जनता को स्वास्थ सुविधा की कड़ी में कैंसर के इलाज की नई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आज दिनांक 10 सितंबर 2026 को विश्वविख्यात कैंसर सेंटर्स ऑफ अमेरिका (सीसीए) ग्रुप के साथ मिलकर कैंसर सेंटर का शुभारंभ किया है, यह सेंटर मरीजों को एक ही स्थान पर व्यापक और आधुनिक कैसर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
नए सेंटर में अनुभवी कैंसर विशेषज्ञ, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचार पद्धतियां और मरीजों को प्राथमिकता देने वाली सेवाएं उपलब्ध है। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली कैंसर चिकित्सा को अधिक सुलभ बनाना और मरीजों को बेहतर उपचार उनके घर के करीब उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री माननीय श्री श्याম बिहारी जायसवाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृज मोहन अग्रवाल जी, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील कुमार सोनी जी. रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत जी तथा रायपुर की महापौर श्रीमती भीनल चौबे जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और क्षेत्र में उन्नत कैंसर उपचार की सुविधाओं को मजबूत करने के महत्व को दर्शाया।
उद्घाटन समारोह में सीसीए और सुयश हॉस्पिटल की नेतृत्व टीम भी उपस्थित रही। इसमें श्रीमती स्मिता राजू, (सीइओ) सीसीए, श्री राजेश मंथाना (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) सीसीए: तथा डॉ मनोज लाहोटी, डॉ नितिन गोयल और डॉ विवेक केशरवानी, डायरेक्टरस, सुयश हॉस्पिटल शामिल रहे।
दोनों संस्थानों का सहयोग रायपुर में इस व्यापक कैंसर उपचार केंद्र की शुरुआत में महत्वपूर्ण रहा है। दोनों का साझा उद्देश्य विशेषज्ञ चिकित्सा, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित देखभाल के माध्यम से बेहतर कैंसर उपचार व्यवस्था तैयार करना है।
विभिन्न कैंसर विशेषज्ञ एक साथ
सीसीए रायपुर में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी तथा न्यूक्लियर मेडिसिन और पेट-सीटी सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।
विभिन्न विशेषज्ञ मिलकर प्रत्येक मरीज की बीमारी और जरूरत के अनुसार उपचार की योजना तैयार करेंगे। मरीजों को जांच, उपचार और उपचार के बाद की देखभाल तक सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक से सटीक उपचार
सीसीए रायपुर में आधुनिक पेट-सीटी तकनीक उपलब्ध है, जो कैंसर की सही पहचान, बीमारी की स्थिति निर्धारित करने, उपचार की योजना बनाने और उपचार के परिणामों का आकलन करने में सहायता करती है।
इसके साथ ही वर्सा एचडी रेडिएशन थेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध है। यह तकनीक अधिक सटीक रेडिएशन उपचार देने और आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर अनावश्यक प्रभाव को कम करने में मदद करती है।
सीसीए रायपुर को इंटरनेशनल ट्यूमर बोर्ड का भी सहयोग प्राप्त है, जिसके माध्यम से जटिल कैंसर मामलों पर विभिन्न विशेषज्ञ मिलकर चर्चा कर सकते हैं और उपचार संबंधी निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं।
श्याम बिहारी जायसवाल जी ने कहा:
"सीसीए रायपुर की शुरुआत छत्तीसगढ़ में उन्नत कैंसर उपचार की सुविधाओं को मजबूत करने और मरीजों को व्यापक कैंसर सेवाएं उनके घर के करीब उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
सीसीए की सीइओ स्मिता राजू, ने कहाः
"सीसीए रायपुर के माध्यम से हम क्षेत्र के मरीजों और उनके परिवारों के लिए आधुनिक, व्यापक और संवेदनशील कैंसर उपचार को उनके घर के करीब लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
सीसीए के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश मंथाना ने कहाः
"आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के बीच सहयोग के साथ सीसीए रायपुर भारत में उच्च गुणवत्ता वाली कैंसर चिकित्सा को अधिक लोगों तक पहुंचाने के हमारे उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
सीसीए रायपुर की शुरुआत भारत में उन्नत कैंसर उपचार को अधिक सुलभ बनाने के सीसीए के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है। विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञों के आपसी सहयोग और संवेदनशील देखभाल के माध्यम से सीसीए रायपुर का उद्देश्य रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को व्यापक कैंसर उपचार की सुविधा उनके घर के करीब उपलब्ध कराना है।
उन्नत कैंसर उपचार अब घर के और करीब।
प्रेस वार्ता, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स
06-Sep-2026
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(AIBEA-AIBOC-NCBE-AIBOA-BEFI-INBEF-INBOC)
1-9-2026
नाइटेड फोरम ऑफ बैंक यनियन्स (UFBU) बैंक कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों के संगठनों का एक साझा मंच है, जिसमें निम्नलिखित यनियनें शामिल हैं। UFBU सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी बैंकों, विदेशी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों में कार्यरत 90% से अधिक बैंक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉईज एसोसिएशन - AIBEA
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन - AIBOC
नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉईज - NCBE
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन - AIBOA
बैंक एम्प्लॉईज फेडरेशन ऑफ इंडिया BEFI
इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस INBOC
इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉईज फेडरेशन - INBEF
UFBU द्वारा आंदोलनकारी कार्यक्रमों और अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान निम्नलिखित तिथियों पर किया गया है:
11 सितंबर, 2026
28, 29 और 30 सितंबर, 202626
अक्टूबर, 2026 से लगातार, अनिश्चितकालीन हड़तालमुख्य मांगेंः
वादे का सम्मान करें -
8-3-2024 के समझौता/संयुक्त नोट में सहमत 5 दिवसीय बैंकिंग को लागू करेंसरकार की एकतरफा और भेदभावपूर्ण PLI योजना/प्रदर्शन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को वापस लेंयूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से योजना में संशोधन करेंलंबित मुद्दों का समाधान करें
1. सप्ताह में 5 दिन काम लागू करना: कई वर्षों से, बैंक सोमवार से शुक्रवार तक पूरे दिन और सभी शनिवारों को आधे दिन काम करते थे। मई, 2015 में हस्ताक्षरित समझौते में, भारतीय बैंक संघ/बैंक प्रबंधनों द्वारा सहमति व्यक्त की गई थी कि शुरुआत के तौर पर, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक अवकाश घोषित किया जाएगा और उसके बदले में, शेष शनिवारों को पूरे दिन काम करने के दिन (अब तक के आधे दिन के बजाय) घोषित किया जाएगा और यह आश्वासन दिया गया था कि नियत समय में सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने के प्रयास किए जाएंगे। नवंबर, 2020 में हस्ताक्षरित समझौते में, इस मुद्दे पर आगे चर्चा की गई और IBA/प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए मांग पर आगे चर्चा की जाएगी। अगले वेतन संशोधन के लिए बातचीत में इस मांग पर आगे चर्चा की गई और मार्च, 2024 में हस्ताक्षरित समझौते में, IBA/बैंक प्रबंधनों ने सहमति व्यक्त की कि शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाएगा और यूनियनों ने सहमति व्यक्त की कि सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन, काम के घंटे 40 मिनट तक बढ़ाए जाएंगे। इस समझौते को वित्त मंत्रालय, भारत सरकार को उनकी मंजूरी के लिए सिफारिश की गई है।
अब 2 साल से अधिक हो गए हैं लेकिन यह मुद्दा अभी भी वित मंत्रालय के पास लंबित है।
पहले से ही केंद्र सरकार, राज्य सरकार, RBI, LIC, GIC, NABARD, निजी कंपनियों, शेयर बाजार, मुद्रा बाजार, विदेशी मुद्रा बाजार आदि में सप्ताह में 5 दिन काम हो रहा है। बैंकों में भी महीने में 2 शनिवार पहले से ही छुट्टी हैं।
केवल शेष शनिवारों को ही अवकाश घोषित करना है। ग्राहकों के लिए व्यावसायिक घंटों में कोई कमी नहीं होगी क्योंकि यूनियनों ने सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त व्यावसायिक घंटे के लिए सहमति व्यक्त की है।
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने विभिन्न कठिनाइयों और सीमाओं के बावजूद बैंकिंग जनता को अपनी सर्वोतम संभव सेवाएं दी हैं।
कोरोना महामारी के समय में भी, बैंक कर्मचारियों ने हमारे देश के लोगों की सेवा की। आजकल कई कारणों से बैंकिंग का काम बहुत तनावपूर्ण हो गया है और उचित कार्य-जीवन संतुलन को सक्षम करने के लिए, UFBU की यह वैध मांग है कि सप्ताह में 5 दिन काम अपनाकर शेष शनिवारों को भी अवकाश घोषित किया जाए।
2. PLI - परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघनः परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना नवंबर, 2020 में IBA और यूनियनों/एसोसिएशनों के बीच हस्ताक्षरित पिछले समझौते के तहत बैंकों में पेश की गई थी।
यह योजना सभी कामगार कर्मचारियों और स्केल 1 से स्केल VII (महाप्रबंधक) तक के सभी अधिकारियों को कवर करती है। यह PLI योजना सदस्य बैंकों के बोर्डों दद्वारा प्रदान किए गए जनादेश के आधार पर पक्षों के बीच विस्तृत चर्चा के बाद शुरू की गई है। योजना के तहत, प्रत्येक बैंक के प्रदर्शन और लाभ के आधार पर, 1 दिन के वेतन से लेकर 15 दिन के वेतन (अधिकतम) तक का प्रोत्साहन देय है और उस बैंक के सभी कर्मचारियों को सफाई कर्मचारी/हाउस कीपर, चपरासी, लिपिक और महाप्रबंधक तक के अधिकारियों को समान रूप से देय है। यह योजना अच्छी तरह से
काम कर रही है और यह सभी के लिए मिलकर बैंकों के व्यावसायिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए एक प्रेरणा है।
लेकिन नवंबर, 2024 में, वितीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार ने बैंकों को स्केल IV, V, VI और VII अधिकारियों (मुख्य प्रबंधक, सहायक महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक और महाप्रबंधक) के लिए एक संशोधित प्रोत्साहन फॉर्मूला अपनाने का निर्देश जारी किया। UFBU ने सरकार के समक्ष यह मामला उठाया कि यह निर्देश IBA और यूनियनों के बीच द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन है और यह योजना एक समान प्रोत्साहन के मुकाबले अधिकारियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर आधारित अत्यधिक भेदभावपूर्ण है।
सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आने के कारण, UFBU ने मार्च, 2025 में हड़ताल का आह्वान किया। मुख्य श्रम आयुक्त ने सुलह में मुद्दे को उठाया और सुलह बैठक आयोजित की और IBA और यूनियनों को सरकार को योजना में अपने संशोधनों पर काम करने और सुझाव देने की सलाह दी। इस कारण हड़ताल को टाल दिया गया। उसके बाद, यूनियनों और IBA ने द्विपक्षीय बैठक की और सरकारी फॉर्मूले में अपना संशोधन प्रस्तुत किया है। अब तक DFS/ सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
मार्च, 2026 में, DFS/ सरकार ने बैंकों को अपने प्रोत्साहन फॉर्मूले को लागू करने की सलाह दी। चूंकि यह एकतरफा था और समझौते के साथ-साथ कानून के प्रावधानों का भी उल्लंघन था, इसलिए हमने दिल्ली उच्च न्यायालय में मामला दायर किया है और मामला अपने फैसले के लिए लंबित है। 21 अगस्त, 2026 को, DFS/सरकार ने सभी बैंकों को आगे बढ़ने और अपनी योजना को लागू करने की सलाह दी थी। इस योजना के तहत, प्रोत्साहन अधिकारियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर आधारित है।
प्रोत्साहन 365 दिनों के वेतन तक देय है, जबकि अन्य के लिए, अधिकतम केवल 15 दिनों का वेतन है। स्केल IV से स्केल VII तक के अधिकारी कुल लगभग 8 लाख कर्मचारियों में से लगभग 40,000 अधिकारी हैं, यानी कुल स्टाफ का 5% 195% स्टाफ के लिए, अधिकतम प्रोत्साहन 15 दिन का वेतन है जबकि शेष 5% स्टाफ के लिए, प्रोत्साहन 365 दिन के वेतन तक है, यानी दूसरों की तुलना में 20 गुना अधिक। विवाद मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष लंबित है। इसके लंबित रहने के दौरान, प्रबंधन से औद्योगिक विवाद अधिनियम/औद्योगिक संबंध संहिता के तहत यथास्थिति बनाए रखने की उम्मीद है।
लेकिन इन प्रावधानों के उल्लंघन में, योजना को लागू किया गया है। इस प्रकार, सरकार की इस फूट डालो और राज करो की नीति के कारण, समझौते में प्रदान की गई प्रोत्साहन में एकरूपता से 95% बैंक स्टाफ वंचित हो गया है। इन 5% स्टाफ को दिए गए प्रोत्साहन की लागत अन्य 95% स्टाफ को दिए गए कुल प्रोत्साहन से कहीं अधिक है, जिसके परिणामस्वरूप भारी भेदभाव हो रहा है। मामले का सार यह है:
a) DFS द्वारा निर्देशित संशोधित योजना पारस्परिक और द्विपक्षीय रूप से सहमत एक समान योजना के विपरीत है।
DFS योजना बैंकों में कार्यबल की समग्र टीम को विभाजित करना चाहती है जो आज लक्ष्यों और व्यावसायिक मानकों को प्राप्त करने के लिए एक एकीकृत टीम के रूप में काम कर रही है।
c) बैंकों के प्रदर्शन पर आधारित प्रोत्साहन के विपरीत, यह DFS योजना अधिकारियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर आधारित है।
d) द्विपक्षीय योजना के तहत, अधिकतम PLI 15 दिन का मूल वेतन + DA है जबकि DFS योजना के तहत PLI 365 दिन के मूल वेतन तक होगा जो अत्यधिक असमानुपातिक है।
e) DFS योजना अधिकारियों को उनके वास्तविक प्रदर्शन से असंबंधित रूप से कलाकारों और गैर-कलाकारों के विभिन्न ग्रेडों में अनिवार्य रूप से विभाजित करने का भी प्रावधान करती है।
f) कुल कार्यबल के लगभग 5% के लिए DFS योजना की लागत शेष 95% कार्यबल को देय प्रोत्साहन की तुलना में अनुचित और अत्यधिक असमानुपातिक होगी।
9) यह DFS योजना अंतर-कैडर और इंट्रा-कैडर भेदभावपूर्ण होने के अलावा, एक बहुत बड़ा हतोत्साहन भी है, इस प्रकार, PLI योजना के उद्देश्य को ही हराती है।
h) DFS के निर्देश ने सामूहिक सौदेबाजी और द्विपक्षीय समझ को एक मजाक बना दिया है।
i) भले ही संयुक्त नोट औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत हस्ताक्षरित नहीं है, संयुक्त नोट पर IBA द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं, सभी बैंक बोर्डों द्वारा अनुमोदित है और यही वह आधार है जिस पर अधिकारी सेवा विनियम और पेंशन विनियम में संशोधन किया गया है, जो दोनों कानूनी विधान हैं।
इसलिए यूनियनों पर आंदोलन सरकार और प्रबंधन के कार्यों के कारण थोपा गया है।
रायपुर प्रेस क्लब सदस्यों के आवास हेतु प्रयास तेज
03-Sep-2026
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जमीन आवंटन के लिए बनेगी वरिष्ठ पत्रकारों की कमेटी
नवा रायपुर में पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने सरकार से संवाद करेगी कमेटी
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने प्रेस क्लब के सदस्यों के लिए नवा रायपुर में जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। राजनांदगांव और बिलासपुर की तर्ज पर रायपुर के पत्रकारों को भी आवास के लिए जमीन अथवा आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रेस क्लब लगातार शासन स्तर पर संवाद और पत्राचार कर रहा है।
इसी क्रम में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव एवं अब तक हुए संवाद के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने का प्रकरण आवास एवं पर्यावरण विभाग को भेजा जा चुका है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तथा शासन के साथ प्रभावी संवाद के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से रायपुर प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने वरिष्ठ पत्रकारों के समक्ष जमीन आवंटन को लेकर अब तक शासन के साथ हुए पत्राचार, संवाद और प्रकरण की प्रगति की विस्तृत जानकारी रखी। जिसमें फरवरी, जून और अगस्त माह में सरकार से हुए पत्राचार और प्रकरण की अद्यतन स्थिति बताई गई
बैठक में पूर्व अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, रामावतार तिवारी और बृजेश चौबे, नवभारत के वाइस प्रेसीडेंट उमाशंकर व्यास , वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा, नवप्रदेश के प्रधान संपादक यशवंत धोटे, हरिभूमि से संपादक ब्रह्मवीर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार , शेख स्माइल, राजेश जॉन पॉल, प्रफुल्ल पारे एवं संदीप पुराणिक उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारों के आवास से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक पहल की आवश्यकता जताते हुए वरिष्ठ पत्रकारों की एक कमेटी गठित करने पर सहमति व्यक्त की। यह कमेटी शासन के संबंधित विभागों और सरकार के साथ संवाद कर जमीन आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि रायपुर प्रेस क्लब के अधिक से अधिक सदस्यों को इस योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए वरिष्ठ पत्रकारों की कमेटी के सुझावों के आधार पर प्रस्ताव और कार्ययोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों के लिए आवास की सुविधा लंबे समय से एक महत्वपूर्ण आवश्यकता रही है। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का प्रयास है कि शासन के सहयोग से इस दिशा में ठोस और परिणामदायी पहल हो। नवा रायपुर में पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना प्रेस क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए वरिष्ठ पत्रकार जनों की सलाह पर जल्द एक कमेटी गठित कर सरकार से निरंतर संवाद किया जाएग
छत्तीसगढ़ में उद्योगों के महाकुंभ की तैयारी
01-Sep-2026
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18 से 20 सितंबर तक रायपुर में सजेगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर
MSME, स्टार्टअप, उद्योग, रोजगार और निवेश को एक मंच पर लाने वाला भव्य आयोजन रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आगामी सितंबर में देश के औद्योगिक परिदृश्य में अपनी नई पहचान दर्ज कराने जा रही है। राजधानी के साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड में 18, 19 एवं 20 सितंबर 2026 को 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर (IIF) का भव्य आयोजन किया जा रहा है। लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित यह औद्योगिक मेला प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), स्टार्टअप्स, निर्माताओं, उद्यमियों, निवेशकों, युवाओं और देशभर से आने वाले उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करेगा।
तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन केवल एक औद्योगिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, रोजगार, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता को एक साथ जोड़ने वाला व्यापक औद्योगिक मंच होगा। आयोजकों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ना तथा प्रदेश में नए निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आदरणीय श्री विष्णुदेव साय जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन जी भी उपस्थित रहेंगे। केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी के भी आयोजन में शामिल होने की संभावना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रमुख विचारक आदरणीय श्री कृष्ण गोपाल जी की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। इन विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से आयोजन का महत्व और व्यापकता और बढ़ने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार
छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, खनिज संपदा, कृषि उत्पादों, वन उत्पादों और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक आधार के कारण देश में महत्वपूर्ण औद्योगिक राज्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इसके बावजूद अनेक छोटे और मध्यम उद्यमों के सामने अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने, नए खरीदारों से जुड़ने, तकनीकी सहयोग प्राप्त करने और निवेश हासिल करने जैसी चुनौतियां रहती हैं। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इन्हीं चुनौतियों को अवसर में बदलने का प्रयास करेगा।
फेयर में स्थानीय उद्यमियों को देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्योगपतियों, खरीदारों, वितरकों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ के उत्पादों को नए बाजार मिलने के साथ व्यापार विस्तार और नई व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
उत्पाद प्रदर्शन और B2B मीटिंग
फेयर की महत्वपूर्ण विशेषताओं में उत्पाद प्रदर्शन और व्यापारिक नेटवर्किंग शामिल है। देशभर से आने वाले उद्यमी अपने उत्पादों, मशीनरी, तकनीक और सेवाओं को प्रदर्शित कर सकेंगे। संभावित खरीदारों और व्यावसायिक साझेदारों से बातचीत के लिए B2B मीटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माता, वितरक, डीलर, सप्लायर, खरीदार और निवेशक एक-दूसरे से सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल उत्पाद बनाना पर्याप्त नहीं है: उत्पाद को सही बाजार, खरीदार और नेटवर्क तक पहुंचाना भी जरूरी है। इंडिया
इंडस्ट्रियल फेयर इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक संपर्कों को मजबूत करेगा।
Job Placement Drive बनेगी विशेष पहचान
इस बार इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की सबसे खास पहल Job Placement Drive होगी। औद्योगिक मेले को केवल व्यापार और प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए इसे युवाओं के रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को कंपनियों और उद्योगों के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
एक ओर उद्योगों को प्रशिक्षित और प्रतिभाशाली युवाओं की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर हजारों युवा बेहतर रोजगार अवसरों की तलाश में हैं। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इन दोनों आवश्यकताओं के बीच सेतु का काम करेगा। युवाओं को उद्योगों से सीधे संवाद, नौकरी के अवसर, इंटरव्यू तथा करियर की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
स्टार्टअप और नई पीढ़ी के उद्यमियों के लिए मंच
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में पारंपरिक उद्योगों के साथ नई पीढ़ी के उद्यमियों और स्टार्टअप्स को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। युवा उद्यमियों को बाजार, निवेश, तकनीक, मार्गदर्शन और नेटवर्क की आवश्यकता होती है। फेयर उन्हें अनुभवी उद्योगपतियों और संभावित निवेशकों से जुड़ने का अवसर देगा। यह मंच नए उद्यमियों को अपने व्यवसाय को छोटे स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
प्रेरक सत्र और विशेषज्ञों के विचार
फेयर के दौरान Motivational Talks, विशेषज्ञ व्याख्यान और उद्योग जगत के अनुभवी लोगों के संवाद आयोजित किए जाएंगे। इनमें उद्यमिता, उद्योग संचालन, बाजार विस्तार, नई तकनीक, व्यवसाय प्रबंधन, नवाचार और बदलती आर्थिक परिस्थितियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। सफल उद्यमियों की कहानियां युवाओं और नए उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
व्यापार के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति
14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर | 18-20 सितंबर 2026 | साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड, रायपुर
उद्योग और व्यापार के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी विशेष स्थान दिया जाएगा। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रदेश की लोक कला, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्यमियों और अतिथियों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान से भी परिचित होने का अवसर मिलेगा।
निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना है। प्रदेश में खनिज, कृषि, वन उत्पाद, ऊर्जा, इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, निर्माण, MSME और सेवा क्षेत्र सहित अनेक क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाएं मौजूद हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले उद्योगपतियों और निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, संसाधनों और व्यापारिक संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
MSME क्षेत्र को मिलेगी नई ऊर्जा
भारत की अर्थव्यवस्था में MSME क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छोटे और मध्यम उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने के साथ बड़े उद्योगों की सप्लाई चेन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर ऐसे उद्यमियों को आगे लाने का प्रयास करेगा, जिनके पास उत्पाद और क्षमता है, लेकिन बड़े बाजार और नए व्यापारिक नेटवर्क की आवश्यकता है। विभिन्न राज्यों के उद्यमियों की उपस्थिति से ज्ञान का आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम, सप्लाई चेन साझेदारी और नए व्यापारिक संबंध विकसित होने की संभावना है।
"लोकल से नेशनल" की दिशा में कदम
आज स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना आवश्यक है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। छत्तीसगढ़ के छोटे शहरों और जिलों में काम कर रहे उद्यमियों के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर के खरीदारों के सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे "लोकल" उत्पादों को "नेशनल" बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
उद्योग, सरकार और समाज के बीच संवाद
यह आयोजन सरकार, उद्योग, शिक्षा संस्थानों, युवाओं और समाज के बीच संवाद स्थापित करने का अवसर भी है। उद्योग अपनी आवश्यकताओं और चुनौतियों को सामने रख सकते हैं, वहीं नीति-निर्माताओं को जमीनी स्तर की औद्योगिक समस्याओं को समझने का अवसर मिलेगा। युवाओं को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों और रोजगार के बदलते स्वरूप की जानकारी मिलेगी।
तीन दिन, अनेक अवसर
18, 19 और 20 सितंबर को आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन कई संभावनाओं का संगम होगा-एक तरफ उत्पादों की प्रदर्शनी, दूसरी तरफ B2B मीटिंग; एक तरफ निवेशकों से संवाद, दूसरी तरफ Job Placement Drive; एक तरफ विशेषज्ञों के प्रेरक सत्र, तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। यही विविधता इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर को एक सामान्य व्यापार मेले से अलग पहचान देती है।
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक भविष्य की ओर मजबूत कदम
14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब छत्तीसगढ़ अपने औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह आयोजन केवल तीन दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए नए औद्योगिक संबंधों और अवसरों की नींव रखने वाला मंच बन सकता है। स्थानीय MSME को नए खरीदार, युवाओं को रोजगार, नए निवेशकों का प्रदेश की ओर रुझान और उद्योगों के बीच नई साझेदारियां ये सभी इस आयोजन के संभावित दीर्घकालीन परिणाम हैं।
उद्योग जगत को रायपुर आने का आमंत्रण
आयोजकों ने देशभर के उद्योगपतियों, निर्माताओं, MSME उद्यमियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, व्यापारियों, खरीदारों और युवाओं से इस आयोजन में भाग लेने का आह्वान किया है। 18 से 20 सितंबर तक रायपुर का साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड उद्योग, व्यापार, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के एक बड़े
संगम का साक्षी बनने जा रहा है।
14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को देश के सामने प्रस्तुत करने और देशभर के उद्योगों को छत्तीसगढ़ से जोड़ने का सशक्त प्रयास है। यह आयोजन एक ऐसे नए औद्योगिक संवाद की शुरुआत कर सकता है, जिसमें उद्यमी को बाजार, युवा को रोजगार, उद्योग को प्रतिभा, निवेशक को अवसर और छत्तीसगढ़ को नई औद्योगिक पहचान मिले।
"उद्योग बढ़ेगा, रोजगार बढ़ेगा, निवेश बढ़ेगा- और आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़।" इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर 2026 - उद्योग, उद्यमिता और अवसरों का महाकुंभ।
14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर | 18-20 सितंबर 2026 | साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड, रायपुर
प्रेस वार्ता ,दही हांडी उत्सव 2026
31-Aug-2026
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गुढ़ियारी में 15 लाख की दही हांडी के लिए मचेगी होड, बी प्राक और लखबीर सिंह लक्खा बिखेरेंगे जलवा, भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होगा रायपुर
गुढियारी में 5 सितंबर को विशाल दही हांडी में गूंजेगा 'जय कन्हैया लाल की' का जयघोष भव्य दही हांडी उत्सव में विजेता टोली को मिलेगा 15 लाख का पुरस्कार, बी प्राक समेत
दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुति
भव्य दही हांडी उत्सव में विजेता टोली को मिलेगा 15 लाख का पुरस्कार, बी प्राक समेत दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुति
रायपुर। छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी रायपुर के गुढ़ियारी में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति एवं श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट के विशेष सहयोग से 5 सितंबर 2026, शनिवार को विशाल दही हांडी उत्सव प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से अवधपुरी मैदान, दही हांडी उत्सव स्थल, श्रीनगर रोड, गुढ़ियारी
में आयोजित होगा।
आयोजन के 16वें वर्ष में इस बार दही हांडी प्रतियोगिता को और भव्य रूप दिया गया है। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा सहित अन्य राज्यों की गोविंदा टोलियां हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता के विजेता दल को 15 लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं अन्य प्रतिभागी गोविंदा टोलियों को भी समिति की ओर से सांत्वना राशि दी जाएगी।
समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल एवं सह-संयोजक * हेमेन्द्र साहू ने बताया कि अब तक रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव सहित विभिन्न क्षेत्रों की लगभग 26 गोविंदा टोलियों एवं महिला गोविंदा टोलियों ने पंजीयन कराया है। महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश के भण्डारा इंदौर और जबलपुर से भी टोलियों ने अपना नाम दर्ज कराया है। प्रतियोगिता में भाग लेना पूर्णतः निःशुल्क है।
बी प्राक की आवाज पर झूमेंगे युवा
दही हांडी उत्सव में इस वर्ष धार्मिक आयोजन के साथ-साथ भव्य सांस्कृतिक संध्या भी आकर्षण का प्रमुख केंद रहेगी। सुपरस्टार एवं यूथ फेम बी प्राक, अंतर्राष्टीय भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा एवं छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका गरिमा स्वर्णा दिवाकर अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन में बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त और Gen Z युवा शामिल होंगे।
पुरुष, महिला और ग्रीस युक्त खंभा दही हांडी विशेष आकर्षण
इस बार भी आयोजन में पुरुष दही हांडी, महिला दही हांडी एवं ग्रीस युक्त खंभा दही हांडी प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। विभिन्न राज्यों से आने वाली गोविंदा टोलियां अपने साहस, उत्साह और टीम भावना का प्रदर्शन करेंगी।
सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
आम श्रद्धालुओं एवं गोविंदा टोलियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समिति द्वारा प्रशासन के सहयोग से पुलिस व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र एवं आपातकालीन स्थिति के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के बैठने की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
समिति ने सभी गोविंदा टोलियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रतियोगिता के दौरान किसी टोली द्वारा अपने स्तर पर किए गए प्रयास से होने वाली व्यक्तिगत दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित टोली की स्वयं की होगी।
सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल ने समस्त कृष्ण भक्तों, युवाओं एवं रायपुरवासियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें और "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयघोष के साथ उत्सव को यादगार बनाएं।
गोंदवारा रायपुर में राष्ट्रीय भोजली महोत्सव की तैयारी को लेकर बैठक राष्ट्रीय भोजली महोत्सव 21 वाँ वर्ष, सन् 2026
17-Aug-2026
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प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी परम् पूज्य गोंडवाना गुरूददा गुरूदाई के सानिध्य में सावन पूर्णिमा के सुअवसर पर अनुशासित रूढ़िजन्य परंपरा के तहत् सामाजिक सहयोग से "राष्ट्रीय भोजली महोत्सव 2026" का भव्य कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया है।समाज अत्यंत गौरवान्वित होगा यदि आप श्रीमान जी की गरिमामयी उपस्थिति इस "राष्ट्रीय भोजली महोत्सव" का कार्यक्रम में होगी।
गोंदवारा में राष्ट्रीय भोजली महोत्सव की तैयारी को लेकर बैठक _
आज दिनांक 16.08.2026 को गोंडवाना भवन गोंदवारा जिला रायपुर में गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति व छत्तीसगढ़ गोंडवाना संघ की तत्वाधान में संयुक्त बैठक आयोजित हुई.
बैठक में दिनांक 28.08.2026 को इंडोर स्टेडियम रायपुर (छ.ग.) में आयोजित " राष्ट्रीय भोजली महोत्सव 2026 " कार्यक्रम की तैयारी को लेकर चर्चा की गई तथा कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने को लेकर विभागवार जिम्मेदारी दी गई .
गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के प्रांतीय अध्यक्ष तिरु.चंद्रभान नेताम, संयोजक तिरु. लच्छण मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष सनाऊ धुर्वे, महासचिव प्रीतम जी, गजानंद नुरूटी,
*युवा प्रभाग* - प्रकाश नेताम, मनोज मंडावी, सतीश मरकाम, चमरू मरकाम, नरेश मंडावी, सूर्या, नीरज तुमरेकी, जगदीश नेताम, गौकरण कुंजाम, डूमन ओटी सहित 300 की उपस्थिति रही.
कार्यक्रम विवरण
दिनांक 28.08.2026, शुक्रवार, समय प्रातः 9.00 बजे से रात्रि तक स्थान - सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम बुढ़ातालाब, रायपुर (छ.ग.)
मुख्य प्रमुख अतिथिगण
तिरुमाल भूपेश बघेल जी (पूर्व मुख्यमंत्री छ.ग., महासचिव अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं विधायक पाटन)
डॉ. चरणदास महंत जी
(नेता प्रतिपक्ष विधानसभा छ.ग. एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष)
तिरुमाल उमंग सिंघार जी
(नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा म.प्र. एवं प्रदेश अध्यक्ष आदिवासी विकास परिषद म.प्र.)
तिरुमाल कमलेश्वर पटेल जी
(अखिल भारतीय कांग्रेस राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य नई दिल्ली)
तिरुमाल दीपक बैज जी (प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी एवं पूर्व लोकसभा सांसद बस्तर छ.ग.)
विशिष्ठ अतिथिगण
तिरुमाल नारायण सिंह पट्टा जी (अ.भा. आदिवासी कांग्रेस कमेटी राष्ट्रीय समन्वयक समिति व छ.ग. राज्य प्रभारी)
तिरुमाल ओमकार मरकाम जी (पूर्व केबिनेट मंत्री एवं विधायक डिंडौरी म.प्र.)
तिरुमाल चैन सिंह वरकड़े जी (विधायक निवास, जिला-मंडला)
तिरुमाल शंकर कुमार मेमन जी (रायपुर शहर जिला अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी छ.ग.)
तिरुमाल सतनाम पनाग जी (पूर्व पार्षद एवं पूर्व एम. आई. सी. सदस्य नगर निगम रायपुर छ.ग.)
अध्यक्षता गुरुमाता दुलेश्वरी सिदार जी (पूर्व जनपद अध्यक्ष, पाली जिला-कोरबा छ.ग.
9 अगस्त : विश्व आदिवासी दिवस या अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस
17-Aug-2026
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9 अगस्त : विश्व आदिवासी दिवस या अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस
9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस इंडोर स्टेडियम में सबसे पहले बुड़ा देव की की पूजा किया गया और आदिवासी पुरखों को नमन करते हुए माल्यार्पण किया गया पर उसके उपरांत सुबह 12:00 बजे से इंडोर स्टेडियम से सिटी कोतवाली होते हुए जय स्तंभ चौक में शहीद वीर नारायण सिंह जी के शहादत स्थल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वापस इंडोर स्टेडियम पहुंचे उसके बाद मंच में मुख्य अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया स्वागत भाषण में बी.एस.रावटे ने कहा आज पूरे विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहे हैं उसके तत्वावधान में भारत देश पहुंचे प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उसने धन्यवाद भी दिया इस कार्यक्रम का उद्देश्य को भी बताएं आज आदिवासी धर्मकोट की पूरे देश के आदिवासी एक साथ मिलकर भारत सरकार से मांग करेंगे आज विशेष राष्ट्रीय पेरि संवाद में देश भर के आदिवासी समाज के प्रतिनिधि सामाजिक चिंतन शिक्षाविद विधि विशेषज्ञ एवं जनप्रतिनिधि सहभागिता करेंगे पेरसंवाद में आदिवासी धर्म कोड से जुड़े प्रमुख विषयों का विस्तृत चर्चा किया गया धर्म कोड को प्राप्त करने की संवैधानिक एवं वैधानिक प्रक्रिया उसके संभावित सामाजिक संस्कृति एवं प्रशासनिक लाभ आगामी जनगणना में धर्म संबंधी प्रविष्टि तथा धर्म कोड की मान्यता हेतु समाज द्वारा हम सब मिल मिलकर उठाने कि आवश्यक कदम में शामिल होने आए हैं साथ ही आदिवासी समाज की भूमिका जन जागरूकता संगठनात्मक रणनीति एवं भविष्य की कार्य योजना पर भी यहां पर चर्चा होगी
देव कुमार धान( पुर्व मंत्री झारखंड)ने कहा 9 अगस्त नाच गान का दिन नहीं है भारत की सरकार हमें आदिवासी नहीं मानती चाहे कांग्रेस की हो या बीजेपी की सरकार संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत सरकार के प्रतिनिधि जाकर बोलते हैं कि भारत में आदिवासी नहीं रहते देश के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस को एक शब्द बधाई भी नहीं देते भारत सरकार से पूरे देश के आदिवासी मांग करते हैं कि 9 अगस्त को राष्ट्रीय आदिवासी दिवस घोषित करें भारत सरकार से मांग करते हैं सुर्य सिंह बेसरा (पुर्व विधायक झारखंड )ने कहा आदिवासी जनों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा मानव अधिकार परिषद ने अपने 29 जून 2006 के जिस संकल्प के द्वारा आदिवासी जनों के अधिकार पर संयुक्त राष्ट्र की घोषणा के मूल पाठ को स्वीकार किया जिसमें शामिल परिषद के सिफारिश को ध्यान में रखते हुए अपने 29 जुन 2006 के कल्पना के द्वारा आदिवासी जनों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा के मूल पाठ को स्वीकार किया इसमें शामिल परिषद की सिफारिश को ध्यान में रखते हुए संकल्प 61/178प को याद करते हुए इसके अनुसार उसने घोषणा पर विचार किया और कार्यवाही को टालने का निर्णय लिया था ताकि उसे पर विचार विमर्श करने के लिए समय मिले और साधारण सभा का 61वां सत्र खत्म होने के पहले उसे पर विचार को पूरा करने का निर्णय लिया था वर्तमान संकल्प के परिशिष्ट में दिए हुए अनुसार आदिवासियों को अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा को स्वीकार करती है आदिवासी जनों को पारंपरिक अवस्थियों का प्रयोग करने और उनके स्वास्थ्य सेवा पद्धति कायम रखने का अधिकार है जिसमें अपने महत्वपूर्ण औषधि में पेड़ पौधे जानवरों तथा खनिजों का संरक्षण शामिल है आदिवासी जनों को बिना किसी भेदभाव के सभी सामाजिक एवं स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने का अधिकार है आदिवासी युवतियों को साथ उच्च स्तरीय शिक्षा की शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य का उपयोग करने का समान अधिकार है राज्य इस अधिकार के उत्तर हासिल करने की दृष्टि से उसे जरूर कदम उठाएंगे इस प्रकार करके उसने अनुच्छेद 1 से 40 अनुच्छेदों का उल्लेख पढ़कर बताया और इसको पूरा देश में पालन करने को कहा गया अरविंद नेताम (पुर्व केबिनेट मंत्री) ने सबसे बड़ा मुद्दा संविधान के बारे में समझने की समीक्षा करने की आदिवासियों को कितना अधिकार दिया है और संविधान को लोगों ने किस प्रकार का उपयोग में लाते हैं संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को भी नहीं करते जितना संविधान को करते हैं जो संविधान में आदिवासी के अधिकार के बारे में लिखा गया है 1935 में लंदन विश्व पार्लियामेंट में जो कानून में सरकार के लिए बनाया गया उसमें सबसे ज्यादा आदिवासियों के बारे में चर्चा किया गया संविधान को पढ़कर उसके लिए विकल्प ढूंढने के लिए 1935 का कानून महात्मा गांधी ने खुद कहा कि मेरे पास टाइम नहीं है कि आदिवासियों को के बारे में पढ़ा जाए 1935 में अंग्रेजों से पहले लाखों आदिवासी के बारे में कानून बनाया गया संविधान सभा में कुछ ऐसे व्यक्ति है जो इस संविधान के बारे में अनेक प्रकार की चर्चा करते थे मेरा प्रश्न यही था कि संविधान का जितना भी कानून बनाएं उसकी विश्लेषण होनी चाहिए उसकी समीक्षा होनी चाहिए संविधान का आज देश में खुले आम उल्लंघन करते हुए देखा जा रहा है हर राजनीतिक पार्टी अपनी रोटी सेखने के लिए आदिवासियों का प्रयोग करते हैं मैं एक कानून का उदाहरण दूंगा आपको स्पष्ट करूंगा कि पेसा कानून जब भारत सरकार ने 1991 में आर्थिक नीति परिवर्तन की उसकी उदारीकरण लाया गया तो 1991 से पहले आदिवासी एरिया में टाटा या बिरला को घुसने नहीं दिया जाता था इनकी उपकर्मो को वहां तक जाने की अनुमति नहीं था परमिशन नीति कभी-कभी तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर आजाद जी के उदारीकरण के बारे में याद करके सीधा गांधी का देश कहा जाता है जिस देश में उदारीकरण अमेरिका के हिसाब से करने के लिए सरकार ने योजना बनाई जिसमें पांचवी अनुसूची छठी अनुसूची SC/ST पार्लियामेंट में जाने में उदारीकरण का विरोध हुआ इसको हमको समझने के लिए दिल्ली के यूनिवर्सिटी डीयू के प्रोफेसर JNU के प्रोफेसर को बुलाया गया उसने हमें स्पष्ट बताया कि इसमें आप लोगों की नुकसान है क्योंकि इसमें उद्योगपति का आपके पांचवी अनुसूचियां छठी अनुसूची में हस्तक्षेप बढ़ जाएगी इसलिए पैसा कानून लाया गया उसमें स्पष्ट दर्शाया गया है कि बिना ग्राम सभा के कोई भी उद्योग स्थापित नहीं किया जा सकता है और 5वीं अनुसूची मैंने अपने जीवन काल में राजनीति में था कभी भी मैंने आदिवासियों राजनीतिक जीवन में समझौता नहीं किया आज तक भारत सरकार ने उसका पालन नहीं किया जितने भी ग्राम सभा हुए हैं सब फर्जी है इस अवसर पर भुवन कोर्राम मध्यप्रदेश प्रदेश राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मधुकर उयके प्रोफेसर महाराष्ट्र डा. हीरा मीणा प्रोफेसर दिल्ली करमा लकड़ा उड़ीसा विश्वनाथ वाकड़े महाराष्ट्र मनोहर मेश्राम तेलंगाना श्रीमती रेखा सोरेन बिहार जनार्दन कोड़ा पश्चिम बंगाल प्रवेश वसावा गुजरात सभी राज्यों के आदिवासी प्रतिनिधि उपस्थित थे विशिष्ट अतिथि अकबर राम कोर्राम गोड़वाना गोड़ महासभा अध्यक्ष मंगतु राम पवार पुर्व विधायक हरवंश मिरी प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज विकास समिति रामेश्वर उरांव प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़िया सर्व समाज लखन लाल साहू लखन लाल कोशले सुदिप श्रीवास्तव वकिल सुप्रीम कोर्ट दिल्ली जी आर राणा पुर्व अपर कलेक्टर जी आर चुरेद्रा कमलेश धुर्वे नकुल चन्द्रवंशी अनुसुचित जनजाति शासकीय सेवा संघ महासचिव मोहन कोमरे प्रदेश अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ सर्व आदिवासी समाज विनोद भगत श्रीमती अकदा ठाकुर प्रदेश उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज विनोद नागवंशी प्रदेश सचिव सर्व आदिवासी समाज जयपाल ठाकुर मनहरन चंद्रवंशी शंकर कुंजाम कौलाश नेताम रुपेश नागरची देवनाश नागरची महेश रावटे कमलेश मंडावी जिवराखन लाल उसारे प्रदेश मिडिया प्रभारी सर्व आदिवासी समाज पुरे देश भर आदिवासी समाज लगभग 5 हजार कि संख्या में उपस्थित थे आदिवासी धर्म कोड आगामी जनगणना इस विशेष राष्ट्रीय परि संवाद में देशभर से आदिवासी समाज के प्रतिनिधि सामाजिक चिंतन शिक्षाविद विधि विशेषज्ञ एवं प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे परि संवाद में आदिवासी धर्म कोड से जुड़े प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई धर्म कोड प्राप्त करने की संवैधानिक एवं वैधानिक प्रक्रिया इसके संभावित सामाजिक संस्कृति एवं प्रशासनिक लाभ आगामी जनगणना में धर्म कोड संबंधी प्रविष्टि तथा धर्म कोड की मान्यता हेतु समाज द्वारा उठाए जाने वाले आवश्यक कदम शामिल है साथ ही आदिवासी समाज की भूमिका जनजागरूकता संघटनात्मक रणनीति एवं भविष्य की कार्य योजना पर विचार विमर्श कर सामूहिक संकल्प लिया गया
देश के ट्राइबल कम्युनिटी 9 अगस्त को विश्व आदिअवासी दिवस के रूप में बड़े धूमधाम से मनाता है लेकिन भारत गणराज्य का इस पर्व पर विस्मयकारी मौन कई सवाल खड़े करता है. भारत सरकार की इस विषय पर नीति क्या है? और नियत कैसा है? इस पर चर्चा करना सामयिक है.
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28 अगस्त को भोजली महस्व और शंभू ईशर गवरा पुस्तक का विमोचन
03-Aug-2026
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उनकी अमर कीर्ति और शौर्यगाथाएँ केवल आदिम समाज तक सीमित नहीं, बल्कि लोकगाथाओं के रूप में व्यापक जनमानस में परिलक्षित हैं। उनके स्मरण में प्रतिवर्ष कार्तिक अमावस्या को शंभू ईशर राजा और गवरा दाई का मड़मिंग (विवाह संस्कार) बड़े ही हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न कराया जाता है। यह आयोजन केवल सांस्कृतिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज को संगठित, सुसंस्कारित और सांस्कृतिक रूप से एकजुट करने का माध्यम है।
आदिम मान्यता के अनुसार, इस प्रतीकात्मक विवाह संस्कार पूर्ण होने के पश्चात् ही समाज में बाकी आमजन में विवाह संस्कार प्रारंभ किये जाते हैं। यह परंपरा सामाजिक अनुशासन और सांस्कृतिक मर्यादा की गहन भावना को दर्शाती है।
आज आवश्यकता है कि हम इस अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को केवल उत्सवों तक सीमित न रखें, बल्कि उसे समझें, संजोएँ और समाज के व्यापक हित एवं मूल दृष्टिकोण के साथ आगे बढायें। इसी शुभकामना के साथ... जय ईशरदेव, जय गवरा दाई, जय सेवा....।
एडवांस्डग्रो हेयर & ग्लोस्किन क्लिनिक ने रायपुर में भव्य उद्घाटन के साथ 150+ क्लीनि कों का आँकड़ा पार कि या
16-Jul-2026
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रायपुर शाखा का उद्घाटन हमारी विकास यात्रा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है। पूरे भारत और वैश्विक स्तर
पर 150 से अधिक क्लीनिकों के साथ, हम विश्वस्तरीय हेयर रीग्रोथ और स्किन रीजुवेनेशन सेवाओंको अधिक से
अधिक लोगों तक पहुँचाने के अपने संकल्प को और मजबूत कर रहे हैं। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं,
बल्कि उन लाखों लोगों के विश्वास और परि वर्तन का प्रतीक है, जिन्होंने हमारी विशेषज्ञता और उत्कृष्ट सेवाओं पर
भरोसा किया है। 150+ सफल क्लीनि कों से अर्जित विश्वास और लगातार बढ़ती मांग के साथ, हमें रायपुर में
अपनी सेवाएँ शुरू करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है। हमारा उद्देश्य भारत और दुनिया भर में लोगों को आत्मविश्वास
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समर्पण और दूरदृष्टि का भव्य उत्सव
रायपुर क्लिनिक के भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अनुष्का सोने MBBS, लेखिका,
उद्यमी एवं Femina Miss India East 2026 ने अपनी गरिमा मयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की शोभा
बढ़ाने के लिए गेस्ट ऑफ ऑनर श्री सरन वेल जयरामन, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं संस्थापक, भी उपस्थित रहे।
उनकी प्रेरणादायी उपस्थि ति नेइस अवसर को और भी गौरवशाली बनाया तथा ब्रांड की उत्कृष्टता, नवाचार और
लोगों के जीवन में सकारात्मक परि वर्तन लाने की प्रति बद्धता को दर्शा या।
सुलभ वेलनेस के माध्यम सेभारत को सशक्त बनाना
रायपुर क्लिनिक का शुभारंभ केवल एक नया विस्तार नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति तक उच्च गुणवत्ता वाली हेयर और
स्किन केयर सेवाएँ पहुँचाने की हमारी प्रति बद्धता का प्रतीक है। इस नई शाखा के माध्यम से एडवांस्डग्रो हेयर एंड
ग्लोस्कि न क्लिनिक लोगों को बेहतर देखभाल, उत्कृष्ट परिणाम और आत्मविश्वास से भरपूर जीवन प्रदान करने
के अपने मिशन को आगे बढ़ा रहा है।
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एडवांस्डग्रो हेयर एंड ग्लोस्किन क्लिनिक हेयर रीग्रोथ और स्किन ट्रीटमेंट्स के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान है, जो
उत्कृष्टता, नवाचार और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओंके प्रति अपनी प्रति बद्धता के लिए जाना जाता है। US-FDA
अप्रूव्ड उपचारों और बेहतरीन परिणामों पर केंद्रित दृष्टि कोण के साथ, यह क्लिनिक एस्थेटिक मेडिसिन के क्षेत्र में
एक विश्वसनीय नाम बन चुका है।
16 जुलाई को निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा, 24 जुलाई को होगी बाहुड़ा यात्रा
14-Jul-2026
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16 जुलाई को निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा, 24 जुलाई को होगी बाहुड़ा यात्रा
14 जुलाई को नेत्रोत्सव, श्री जगन्नाथ मंदिर गायत्री नगर में तैयारियां पूर्ण, तीनों दिव्य रथ आकर्षक श्रृंगार के साथ तैयार
16 जुलाई को निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा, तीनों दिव्य रथ
सजकर तैयार
रथयात्रा को लेकर तैयारियां पूरी, 14 जुलाई को नेत्रोत्सव और 16 जुलाई को भक्तों को देंगे दर्शन भगवान जगन्नाथ
जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजेगी राजधानी, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे
'छेरा पहरा' की परंपरा
रायपुर. -राजधानी रायपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर, गायत्री नगर में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को तथा बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को पूरे धार्मिक उल्लास, वैदिक परंपराओं एवं भव्यता के साथ आयोजित होगी। रथयात्रा से पूर्व 14 जुलाई शाम 6 बजे भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का नेत्रोत्सव संपन्न होगा। मंदिर परिसर में सभी धार्मिक अनुष्ठानों एवं रथयात्रा की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा के तीनों दिव्य रथ पूर्ण रूप से सज-धजकर भक्तों के स्वागत के लिए तैयार हैं।
श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्त और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर भक्तों को सुलभ दर्शन देते हैं। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपराओं का भी जीवंत उत्सव
है।
उन्होंने बताया कि रथयात्रा के दिन प्रातःकाल 11 वैदिक पंडितों द्वारा विशेष अभिषेक, पूजन एवं हवन्तरि संपन्न कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर एवं अन्य सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा तथा पारंपरिक गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा।
इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद एवं मंगल वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच भगवान अपने दिव्य स्थों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे।
परंपरानुसार महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी भगवान के ख्थ के समक्ष सोने की झाडू से 'छेरा पहरा' की ऐतिहासिक सेवा करेंगे। यह परंपरा राजा से लेकर सामान्य जन तक सभी के लिए सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।
रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां, पारंपरिक लोकनृत्य एवं "जय जगन्नाथ" के गगनभेदी जयघोषों से पूरा मंदिर परिसर एवं शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।
श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस भव्य धार्मिक आयोजन में सपरिवार सहभागी बनकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने एवं सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है।
14 जुलाई को शिवसेना का 43वा स्थापना दिवस
13-Jul-2026
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रायपुर 14 जुलाई 1984 को छत्तीसगढ़ में शिवसेना के संगठन का गठन किया गया। स्थापना के बाद से ही संगठन लगातार छत्तीसगढ़ियों के अधिकारों, सम्मान एवं जनहित के विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए संघर्ष करता आ रहा है।
शिवसेना प्रदेश महासचिव रेशम जांगड़े ने बताया कि प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के नेतृत्व में पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की मांग को लेकर भोपाल, दिल्ली सहित अनेक स्थानों पर आंदोलन एवं प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसी क्रम में दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मोर्चा निकाला गया, जिसने छत्तीसगढ़ी अस्मिता एवं स्वाभिमान की आवाज़ को मजबूती प्रदान की।
नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के विरोध में रायपुर से बस्तर के नगरनार तक विशाल नगरनार मोर्चा निकाला गया। इस. आंदोलन के माध्यम से संयंत्र के निजीकरण का विरोध करते हुए स्थानीय युवाओं के रोजगार एवं क्षेत्रीय हितों की रक्षा की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
शिवसेना द्वारा हिन्दू राष्ट्र की मांग को लेकर दिल्ली सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन आयोजित किए गए। गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने जैसे कई हिंदुत्व के मुद्दों पर भी शिवसेना सक्रिय रूप से आंदोलन करती रही है। संगठन ने समय-समय पर जनहित, किसान, मजदूर, युवा, महिला, धार्मिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करते हुए प्रदेशवासियों की आवाज़ बुलंद की है।
किसानों को फसल का उचित समर्थन मूल्य और समय पर खाद-बीज मिले, इस दिशा में भी शिवसेना ने आंदोलन किया है। इसके साथ ही शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ आम जन को मिले, इसका प्रयास भी शिवसेना लगातार कर रही है।
Culture
राष्ट्रीय रंगमंच कार्यशाला शुभारंभ
01-Aug-2025
465
सजेगा संगीत और नृत्य का भव्य मंच "शाश्वतम 2025"
01-Apr-2025
763
Star Poster
स्मार्ट सिनेमा
17-Mar-2023
919
Cinema Tv
Magazine
स्मार्ट सिनेमा, फरवरी 2023
18-Mar-2023
660
स्मार्ट सिनेमा, फरवरी 2023
18-Mar-2023
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स्मार्ट सिनेमा, फरवरी 2023
18-Mar-2023
646